महाराष्ट्र की देवेंद्र फड़णवीस सरकार ने गुरुवार को एक परिपत्र जारी कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोवंश की तस्करी में बार-बार शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों, गिरोहों और संगठनों के खिलाफ कड़े महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत कार्रवाई की जाए। राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी इस परिपत्र में अवैध मवेशी परिवहन, अनधिकृत बूचड़खानों और अवैध वध को रोकने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं तथा संबंधित कानूनों के सख्ती से पालन पर जोर दिया गया है।
सरकारी प्रस्ताव (GR) में कहा गया है- संबंधित पुलिस तंत्र मौजूदा नियमों के अनुसार मामलों की जांच करे और संगठित तथा बार-बार होने वाली मवेशी तस्करी में शामिल व्यक्तियों, गिरोहों या संगठनों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई शुरू करे। सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 48 का हवाला देते हुए कहा कि राज्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे गायों, बछड़ों और अन्य दुधारू तथा भारवाही पशुओं की नस्लों के संरक्षण और सुधार के लिए कदम उठाएं तथा उनके वध पर रोक लगाएं।
सरकार ने कहा कि उसे विभिन्न संगठनों से मवेशी तस्करी, गोवंश के अवैध परिवहन और अनधिकृत बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाले ज्ञापन प्राप्त हुए थे। सरकार ने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय हैं। परिपत्र में सभी फील्ड स्तर के कार्यालयों को महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम 1976, पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और अन्य संबंधित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अनधिकृत और बिना लाइसेंस वाले बूचड़खानों की पहचान कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
परिवहन विभाग को अवैध मवेशी परिवहन में कथित रूप से इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों की नियमित जांच करने और मोटर वाहन अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने सभी पुलिस आयुक्तालयों, पुलिस अधीक्षकों के कार्यालयों, पशुपालन आयुक्तालय और परिवहन आयुक्तालय को स्वतंत्र नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा उनके संपर्क नंबर संबंधित विभागों और नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। सीमावर्ती जिलों के जिला कलेक्टरों को पड़ोसी राज्यों से महाराष्ट्र में प्रवेश बिंदुओं पर संयुक्त जांच चौकियां स्थापित करने के लिए कहा गया है, जिनमें पुलिस, परिवहन, स्थानीय स्वशासन संस्थाओं और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की भागीदारी होगी।
जीआर में आगे निर्देश दिया गया है कि संबंधित विभाग अवैध मवेशी परिवहन और अनधिकृत बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त उड़न दस्ते गठित करें। मवेशी तस्करी, गोवंश के अवैध परिवहन और अनधिकृत बूचड़खानों से संबंधित शिकायतों पर, जो आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर प्राप्त हों, संबंधित पुलिस तंत्र द्वारा तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।
जीआर में यह भी कहा गया है कि मुंबई में धार्मिक आधार पर अस्थायी रूप से अनुमति प्राप्त वध सुविधाओं को Mumbai Municipal Corporation Act, 1888 के प्रावधानों के तहत स्वच्छता, बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। सरकार ने कहा कि आयुक्तालय क्षेत्रों के बाहर जिला कलेक्टर और आयुक्तालय क्षेत्रों में पुलिस आयुक्त इन निर्देशों के सख्त पालन और समय-समय पर समीक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे।
